International Yoga Day 2025 का भव्य आयोजन इस बार विशाखापत्तनम में किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए योग की शक्ति और प्रभाव को दर्शाने वाला एक बड़ा उदाहरण बना।
सुबह से शुरू हुआ ऐतिहासिक योग सत्र
शनिवार सुबह 6 बजे से विशाखापत्तनम के रामकृष्ण बीच से लेकर भोगापुरम तक लगभग 26 किलोमीटर के क्षेत्र में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस आयोजन का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुँचाना और लोगों को इसके लाभों से परिचित कराना रहा।
योग को मिला अभूतपूर्व जनसमर्थन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में राज्य भर में व्यापक तैयारियाँ की गईं। लगभग 1.3 लाख स्थलों पर योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिली। युवाओं और विद्यार्थियों में कार्यक्रम को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों की संख्या को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने लाखों की संख्या में योगा मैट्स और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में टी-शर्ट्स वितरित किए, जिससे लोग उत्साहपूर्वक योग कार्यक्रमों से जुड़ सकें।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का माध्यम भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव न मानें, बल्कि इसे अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में शामिल करें।

शांति और अनुशासन का संदेश देता योग
कार्यक्रम में 25,000 से अधिक आदिवासी छात्रों द्वारा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया गया, जो एक नए रिकॉर्ड की ओर संकेत करता है। इसके साथ ही स्कूलों में योग को अनिवार्य करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था पर खास ध्यान
प्रधानमंत्री की उपस्थिति को देखते हुए 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। साथ ही, ड्रोन और CCTV कैमरों की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।
International Yoga Day 2025 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की संस्कृति और जीवनशैली को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा अवसर बना। यह दिन हमें याद दिलाता है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर के संतुलन का नाम है।
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